टेक्नोलॉजी

ब्रेव का आरोप, निजता का उलंघन कर विज्ञापन थोप रहा गूगल

गूगल के खिलाफ विज्ञापन दिखने के दौरान निजता के उलंघन के मामले में शिकायत दर्ज करवाई गई है।

गूगल के खिलाफ विज्ञापन दिखने के दौरान निजता के उलंघन के मामले में शिकायत दर्ज करवाई गई है। यह शिकायत मंजिला ब्राउजर के सह संस्थापक ब्रेंडन आइश की डिजटल विज्ञापन को ब्लॉक करने वाली कंपनी ब्रेव ने करवाई है। इसके साथ ही ब्रेव ने अपने प्लेटफार्म पर यूरोप में गूगल के सर्च इंजन को ब्लाक करके फ़्रांस और जर्मनी  में उसके प्रतिद्वंदी सर्च इंजन  क्वांट को प्राथमिकता दी है। ब्रेंडन आईश गूगल के खिलाफ यूरोप में इसी साल लागू हुए जनरल डाटा प्रटेक्शन रेगुलेशन (GDPR ) के तहत करवाई करवाने की मांग कर रही है।

डिजिटल विज्ञापन ब्लॉक करने वाले सॉफ्टवेयर ब्रेव ने अपनी शिकायत में गूगल पर लोगों का निजी जानकारी विज्ञापन देने वाली कंपनियों के हित में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। गूगल पर आरोप है कि वह यूजर्स द्वारा ब्राउज की जाने वाली वेबसाइट और एप्लिकेशन को ट्रेक करता है और यूजर की ब्राउजिंग हेबिट के अनुसार उसके फोन या कंप्यूटर पर विज्ञापन थोप कर दिखाया जाता है। शिकायत में लिखा गया है कि यूजर्स के मोबाइल पर विज्ञापन दिखाने के अपने तरीके से  गूगल और ऐडटेक इंडस्ट्री बड़े पैमाने पर डाटा प्रटेक्शन नियमों का उलंघन कर रही है। नियमों का यह उलंघन रियाल टाइम बिडिंग ( ओपन आर टी बी ) और अथ्रजाईड बायर प्रक्रिया के तहत हो रही है। शिकायत में गूगल पर आरोप है कि वह इस प्रक्रिया के तहत यूजर के राजनीतिक रुझान, जातीयता,सैक्स को लेकर यूजर के रुझान और अन्य संवेदनशील जानकारी को विज्ञापन दाता की जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करता है और यह निजता का उलंघन है

क्या है GDPR
आई टी एन सॉलिसिटर लंदन के पार्टनर रवि नाइक के मुताबिक, जनरल डाटा प्रटेक्शन रेगुलेशन (GDPR ) यूरोप में इसी साल 18 मई को लागू हुआ है और इसमें नियमों के उलंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है और दोषी पाए जाने पर किसी भी कंपनी को उसकी वैश्विक टर्न ओवर का चार फीसदी तक का जुर्माना हो सकता है लिहाजा यदि गूगल इस मामले में दोषी पाया जाता है तो कंपनी को एक अन्य भारी भरकम जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही गूगल के खिलाफ फैसला आने की स्थिति में डाटा आधारित विज्ञापन को लेकर भी सवाल खड़े होंगे क्योंकि डिजिटल मार्किंटिंग इंडस्ट्री इसी पर टिकी हुई है और किसी भी विपरीत फैसले के इंटरनेट इंडस्ट्री पर दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेंगे।

जुलाई में गूगल को हुआ था 5 बिलियन डालर का जुर्माना 
इसी साल जुलाई महीने में गूगल को यूरोपियन कमीशन ने एंटी रस्ट कानून के उलंघन के आरोप में 5 बिलियन डॉलर का जुरमाना लगाया था। गूगल पर फोन निर्माताओं के साथ मिल कर अपने ऐप्लिकेशन के प्रमोशन और यूजर्स के लिए बेहतरीन विकल्प को रोकने के आरोप लगे थे।

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