धार्मिक

एक एेसा मंदिर जहां 3 दिन में 10 लाख की शराब का लगता है भोग, होती हैं सभी मन्नतें पूरी

भारत परंपराओं से भरा देश है, यहां पर एक से दो किमी आगे जाने पर भाषा और रिती रिवाज बदल जाते हैं। हरियाणा के रेवाड़ी में एक एेसा ही गांव है जहां पर मंदिर में शराब चढ़ाई जाती है।

रेवाड़ी। भारत परंपराओं से भरा देश है, यहां पर एक से दो किमी आगे जाने पर भाषा और रिती रिवाज बदल जाते हैं। हरियाणा के रेवाड़ी में एक एेसा ही गांव है जहां पर मंदिर में शराब चढ़ाई जाती है। रेवाड़ी के इस गांव का नाम गांव बासदूधा है। यहां के लोग बाबा भैरू को काफी पूजते हैं। इसलिए इस गांव को ‘भैरू का बास’ नाम से भी जाना जाता है। गांव के भैरू मंदिर में शराब का भोग लगाया जाता है। बाबा के 3 दिन तक चलने वाले मेले के दौरान हर साल 8 से 10 लाख रुपए की शराब का भोग लगाया जाता है। ये मेला मार्च और अप्रैल के बीच लगता है।

इस मंदिर में लोगों की आस्था एेसी है कि प्रदेश में बंसीलाल सरकार के समय हुई शराबबंदी के दौरान भी चढ़ावे की परपंरा न टूट पाई। उस वक्त पुलिस बल की तैनाती होते हुए भी श्रद्धालुओं ने खुलकर शराब का भोग लगाकर बाबा का पूजन किया था। मंदिर में आने वाला चढ़ावा प्रशासन के पास जमा हो जाता है। मेले में चढ़ावे व तहबाजारी का ठेका छोड़ा जाता है, जोकि 15 से 16 लाख रुपए तक होता है।

ये मेला के एक साल में दो बार लगता है। चैत्र मास की एकादशी पर लगने वाला मेला महत्वपूर्ण है। मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं आते हैं। इस दौरान रेवाड़ी और नारनौल दो जिलों के रोडवेज डिपो मेले के लिए 20 से ज्यादा स्पेशल बसों का संचालन करते हैं। यहां पर एेसी मान्यता है कि बाबा के थान पर माथा टेकने से सभी मन्नतें पूरी होती हैं। बाबा को मदिरा के साथ तेल-सिंदूर व प्रसाद चढ़ाया जाता है। एेसी मान्यता है कि मदिरा बाबा का प्रिय भोग है।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close