मध्यप्रदेश

भागवत रूपी अमृत कलश की एक भी बूंद व्यर्थ न जाए- भागवताचार्य श्री शर्मा

भागवत जिज्ञासा का विषय है ! हम जीवन में हर क्षण जाने – अनजाने में पाप कर्म लादते चल रहे हैं !

भागवत जिज्ञासा का विषय है ! हम जीवन में हर क्षण जाने – अनजाने में पाप कर्म लादते चल रहे हैं ! कलयुग में भक्ति ही एकमात्र उपाय है जो इस दुर्लभ मनुष्य जीवन को मंजिल तक पहुंचा सकता है ! जीवन में सफलता के लिए जिस तरह जोश और होश की जरुरत होती है उसी तरह भागवत श्रवण में भी जोश के साथ होश भी जरुरी है ! यह ऐसा अमृत कलश है जिसकी एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए ! भागवत न तो ज्ञानियों का विषय है और न ही मूर्खों का ! भक्ति भक्त भागवान और भागवत परमात्मा से मिलने के एक दुसरे जुड़े सेतु हैं! यह बात भागवताचार्य पंडित श्री चन्‍द्रशेखर शर्मा ने अंक सोशल वेलफेयर के तत्‍वावधान में अंजनी टॉकीज के पास, भवानी माता वार्ड, यूनाइटेड जीनिंग के सामने गली नं. ३ में चल रहे नवरात्र महोत्‍सव तथा श्रीमद भागवत ज्ञानयज्ञ सप्‍ताह के प्रथम दिवस की कथा में कहीं !

भागवत ज्ञानयज्ञ के शुभारम्भ सत्र में श्रोताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की जीव जब कथाश्रवण करता है तो उसके विचारसुन्दर हो जाते है। इससे उसका लौकिक और पारलौकिक जीवनसुखमय हो जाता है। भागवत सभी रोगों का निवारण करने वाली औषधी है लेकिन जरूरत है तो इसके गुणों को जानने की। अहंकार, लोभक्रोध,लालच और पापों से दूर रहने के लिए भागवत कथा का श्रवण अनिवार्य है। महाराज श्री ने कहा कि मानव वह नहीं जो गलती करके उसे स्वीकार न करे बल्किसच्चा इंसान तो वह है जो गलती करके उसे स्वीकार करने के साथ-साथ आगे से न दोहराने की शपथ लेता हो और यह भागवत हमें सिखाती है कि क्या गलत है व क्या सही है। पराम्‍बा मां भगवती के सानिध्‍य में आयोजित भागवत कथा का श्रवण व वाचन परम दुर्लभ संयोग है। जिसका विचार वैकुण्‍ठ के रास्‍ते खोल देता है, और आज हम मां के आचंल में नित दिन ०४ घंटे आशीष पाते हुए भागवत कथामृत को ग्रहण कर रहे हैं, जो अलौकिक, अदभुत एवं दोगुना फलदायी है।

अंक सोशल वेलफेयर द्वारा आयोजित नवरात्र महोत्‍सव एवं श्रीमद भागवत कथा के संरक्षक अंकेश सोमानी ने बताया कि दिनांक ११ से १७ अक्‍टूबर तक नवरात्र के साथ भागवत कथा का आयोजन दोपहर में किया जा रहा है। जबकि रात्रि में नवरात्र दर्शन हेतु पाण्‍डाल में माता का दरबार सजेगा, जहां श्रध्‍दालुओं के लिये दर्शनार्थ झांकी और मनमोहक साज सज्‍जा की गई है। देवी की आकर्षक प्रतिमा की स्थापना की गई है, जिसमें मां को नौका पर बैठा हुआ दिखाया गया है, साथ ही नौका पर श्रीकृष्ण बांसुरी बजा रहे हैं एवं श्री बलदाउ नौका चला रहे हैं।

अंक सोशल वेलफेयर 

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