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मैरीकॉम ने देश के लिए बच्चों का ये हक छीना, कहा- इस बात पर मुझे है गर्व

भारतीय महिला मुक्केबाजी एमसी मैरीकॉम ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने अपने बच्चों को प्यार की जगह पदक दिए हैं।

भारतीय महिला मुक्केबाजी एमसी मैरीकॉम ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने अपने बच्चों को प्यार की जगह पदक दिए हैं। मैरीकॉम पांच बार की विश्व चैंपियन और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हैं। मैरीकॉम ने इस वर्ष अप्रैल में आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में लाइफ्लाई वेट 48 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता था।

मैरीकॉम ने यहां स्पेशल ओलम्पिक यूनीफाइड फुटबाल कप में हिस्सा लेने जा रही भारतीय स्पेशल महिला फुटबाल टीम के विदाई समारोह के दौरान यह बातें कही। स्पेशल ओलम्पिक यूनीफाइड फुटबाल कप का आयोजन 17 से 20 जुलाई तक अमेरिका के शिकागो में होने हैं।

मैरीकॉम ने कहा, ‘‘इस बार जब मैंने राष्ट्रमंडल खेंलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने घर पर फोन किया तो मुझे घर वालों की खुशी का अहसास फोन पर ही हो गया था। बच्चे भी चाहते हैं कि उन्हें घर में मां का प्यार मिले, जो मैं उन्हें नहीं दे पाई। लेकिन मुझे लगता है कि मुझे इस गर्व होना चाहिए कि मैंने बच्चों को प्यार की जगह पदक दिये हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘खेल तो कुछ समय के लिए है। इसके बाद मुझे पूरा जीवन घर पर ही रहना है तब मैं अपने बच्चों को मां का प्यार दूंगी। लेकिन उससे पहले मैंने जो भी पदक दिए हैं। उस पर मुझे गर्व है। यह मेरा नहीं, पूरे देश का पदक है और मेरे बच्चों को भी इससे खुशी होनी चाहिए।’’

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